अंतर्मन की चीख

अंतर्मन की चीख मां का दूध छुड़ाकर जब, अम्मा ने पानी पिलाया था, वो काम कर सके घर भर का, यह सोचकर मुझे रुलाया था, तब चीख रहा था अंतर्मन.. कुछ पूछ रहा था अंतर्मन… भैया को खिलौने नए-नए, मुझको मिलते थे रहे सहे, मक्खन, मलाई, फल, मिठाई, मेरे हिस्से सुखी रोटी ही आई, तब … Read more

महादेव

महादेव! अक्सर लोगों के सामने तुझे कुछ न बताया है, फिर तुझे ही देखने के लिए न जाने कितनी रात आंखों को जगाया है, लोगों से अकसर में कह देती हूं कि तू मेरे लिए कुछ नहीं पर तेरे बिना मेरा कुछ नही तू जान है मेरी तू किनारा है , महादेव तू इस दिल … Read more

लम्हों के मोहताज

आसमान का सितारा बन कर , क्या मिला सब के आंखों का तारा बन कर। बनना चाहा जिंदगी किसी की, रह गये तमाशा बन कर। ढुढा सारे जहां में मिला कहीं नहीं, पता नहीं खोई कहाँ हे, ये किस्मत की लकीर। जो मिलेगा कभी नहीं। ये खेल किस्मत की है, वरना कोई मिल कर खोता … Read more

थी एक बच्ची

थी एक बच्ची सीधी साधी सी करती थी नादानी वो बड़ी प्यारी सी तोड के जंजीरे वो उरना चाहती थी आसमान का शेर वो करना चाहती थी की जिम्मेदारी से इस कदर दबी की मुस्कुराना छौड दिया इतनी बदनाम हुई की ज़माने को गम बताना छौड दिया थी अल्बैली वो दीवानी सी करती थी बतीया … Read more

सोने की चिड़िया- मेरे सपनों का भारत

मेरे सपनों का भारत, जहाँ रहते हों सब मिलजुल कर, हो भाई चारा। ना आमदनी की चिंता, ना खर्चने का दुख… अमन चैन हो चारो ओर। यह अमीरी और गरीबी से परे हैं भारत…. जाती के भेद भाव से परे है ये भारत। ये कर्म भूमि है बरसों से… इसे कर्मों ने ही बिगाड़ा है … Read more

एकता

आज़ाद हुआ वतन मेरा हर बेड़ी से हर बंदिश से आज़ाद हैं हम भारत वासी अब ज़ुल्म से और रंजिश से। हर रंग हर मज़हब हर ज़ात,सबसे पहले इंसान हैंहम नहीं किसीके वोट बैंक,हम अपने वतन की जान हैं। by Dr. Tarannum Shaikh

मेरे सपनों का भारत — भविष्य का भारत कैसा हो

मेरे सपनों का भारत वो भारत हैजिसमें सब हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई एक हैं दुश्मन कोई आँख उठाए तो, ऐ भारत माँ!तेरी रक्षा की ख़ातिर हम सब भाई एक हैं जात पात का भेद न होमजहब की कोई दीवार न होभाषा बोली क्षेत्रवाद कीबीमारी का कोई बीमार न हो गाँव गली घर कूचे मेंगंदगी के … Read more

मेरे सपनों का भारत— गौरवशाली इतिहास

मेरे सपनों का भारत वो भारत है… जिसकी गौरव गाथाहै स्वयं हिमालय गाताहिंद प्रशांत पैर पखारेंवो भारत भाग्य विधाता है जिसका स्वर्णिम इतिहासऔर भविष्य उज्ज्वल हैमाना वर्तमान चुनौतिपूर्णलेकिन भाग्य अति प्रबल है यूँ ही नहीं माना विश्वगुरू हमेंजगत में हमने कार्य महान किएजीत कर त्रिलोकी भी हमनेसिंहासन हैं दान किए हमने ही विश्व को दिया … Read more

मेरे सपनों का भारत— माँ भारती के वीर सपूतों का योगदान

मेरे सपनों का भारत वो भारत है… जो अटक से लेकर कटक तककश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तकअखंड है, एक है। देश की आज़ादी का सपना वो सपना हैजिसकी ख़ातिर वीरों ने अपना बलिदान दिया शिवाजी ने शौर्य दिया औरप्रताप ने स्वाभिमान दियागाँधी ने असहयोग और अहिंसा दीनेहरू ने अपना ईमान दिया राजे रजवाड़ों में बंटे … Read more

प्रकृति खतरे में

कि जिस से जीने का स्रोत है कर देते हो उसी को नष्ट । जिसकी हवाएं कर देती है मन को पावन तुम देते हो उसी को कष्ट। प्रकृति अनमोल है समझो इसका मोल इससे ऊपर कुछ नहीं समझो मेरी ये बोल कि रुक जा थम जा संभल जाओ मत दो ये तकलीफ सोचो तो … Read more