तुम अक्सर पूछते हो!

मैंने देखा है, तुम अक्सर पूछते हो,“क्या मानती हो तुम मुझे?” और मैं अक्सर कह देती हूँ,“क्या जानते हो तुम मुझे?” कभी मेरी आँखों में उतरकर देखना,शायद वहाँ तुम्हें कई अनकही बातें मिल जाएँ। मैं हर बात कह नहीं पाती,हर दर्द दिखा नहीं पाती,और हर बार मुस्कुराने का मतलब खुश होना भी नहीं होता। तुम … Read more

लम्हों के मोहताज

आसमान का सितारा बन कर , क्या मिला सब के आंखों का तारा बन कर। बनना चाहा जिंदगी किसी की, रह गये तमाशा बन कर। ढुढा सारे जहां में मिला कहीं नहीं, पता नहीं खोई कहाँ हे, ये किस्मत की लकीर। जो मिलेगा कभी नहीं। ये खेल किस्मत की है, वरना कोई मिल कर खोता … Read more