बदलता भारत- निबंध by Pooja Gupta

“ कर खुद को इतना बुलंद , अगर बुलंदी का शौक हैं , क्यूंकि एक तेरे बदलने से ही भारत का बदलाव स्वरूप हैं |” बदलाव एक ऐसा शब्द हैं जो समय के साथ – साथ हर व्यक्ति , वृक्ष, समाज यहाँ तक की ऋतुओं में भी देखा जाता हैं | जिस तरह एक मनुष्य … Read more

बदलता भारत – Poetry By Soniya Singh

बदल रहा है देश, बदल रहा है दौर।बदल रहा है मंजर, बदल रहे है लोग।इस बदलते भारत में क्या क्या बदलते देखा,कभी इंसान को जलते देखा,कभी इंसानियत को मरते देखा।आओ सुनाती हूं  मै सबको इक दास्तान,कहानी में कुछ और नहीं है बदलता हिंदुस्तान।आज दौर है कुछ ऐसा,हर इंसान बना है ऊंचा।सत्य को छोड़कर झूठ का … Read more