मृत – जीवांत

प्रिय तुम ! तुम्हे मृत्यु से भय लगता है या फिर सब को ! भय मृत्यु के बाद खो जाने का है, मृत्यु का नहीं यह उत्तर में जानता हूं । पर यह मृत अवस्थाओं का तिरस्कार है, जिसे या तो  दरकिनार कर दिया जाता है या सम्मान समझ लिया जाता है ( मौन की … Read more

बेटी

बेटी वैसे तो लड़कियाँ सब कुछ कर लेती हैं, चाहे घर का काम हो या बाहर का, लेकिन आज भी उन्हें पढ़ाई का अवसर नहीं मिलता। यह कहानी भी इसी पर आधारित है।   एक पिता की दो संतानें थीं, एक बेटी और एक बेटा, लेकिन वह दोनों में काफी भेदभाव करता था। जहां वह … Read more

अब फर्क नहीं पड़ता

शिकवा लोग से करना छोड़ दिया है, हमने थोड़ी सी खुशी के लिए मरना छोड़ दिया है। अब आए तो फर्क नहीं जाए तो फर्क नहीं, कुछ इस तरीके से हमने खुद को रोक लिया है। और शिकवा हमने करना छोड़ दिया है, अब रूठना छोड़ दिया है, मनाना छोड़ दिया है, जमाने को गम … Read more

लम्हों के मोहताज

आसमान का सितारा बन कर , क्या मिला सब के आंखों का तारा बन कर। बनना चाहा जिंदगी किसी की, रह गये तमाशा बन कर। ढुढा सारे जहां में मिला कहीं नहीं, पता नहीं खोई कहाँ हे, ये किस्मत की लकीर। जो मिलेगा कभी नहीं। ये खेल किस्मत की है, वरना कोई मिल कर खोता … Read more

Irascible flame of heart!

//Irascible flame of heart// I felt the heat in my heart Scorching and melting the emotions Making it melt the resolve of staying unaffected The Irascible flame of my heart Wasn’t felt and was dormant till now Suddenly got kindled by your behaviour and erupted to the height of it My heart assumed you as … Read more

थी एक बच्ची

थी एक बच्ची सीधी साधी सी करती थी नादानी वो बड़ी प्यारी सी तोड के जंजीरे वो उरना चाहती थी आसमान का शेर वो करना चाहती थी की जिम्मेदारी से इस कदर दबी की मुस्कुराना छौड दिया इतनी बदनाम हुई की ज़माने को गम बताना छौड दिया थी अल्बैली वो दीवानी सी करती थी बतीया … Read more

Fellow Seeker : Ancient Principles For Modern Living by Krishna Prakash

Introduction: The modern life of today demands more, draining you of your energy. This book ‘Fellow Seeker’ is a beautiful conversation of a man with its doubt. In this the doubt always kicks in confusing him and asking questions at the critical junctures. There is a need to resolve the questions by this doubt and … Read more

Jago Durga

New India- Busy streets, chaotic shops and markets, everyone lost in their hum drum of life, engaged in mundane activities, crowded airports and railway stations and gigantic MNC buildings soaring high up in the sky. This current picture of India is a complete contrast to what the land had been seventy eight years ago. This … Read more

सोने की चिड़िया- मेरे सपनों का भारत

मेरे सपनों का भारत, जहाँ रहते हों सब मिलजुल कर, हो भाई चारा। ना आमदनी की चिंता, ना खर्चने का दुख… अमन चैन हो चारो ओर। यह अमीरी और गरीबी से परे हैं भारत…. जाती के भेद भाव से परे है ये भारत। ये कर्म भूमि है बरसों से… इसे कर्मों ने ही बिगाड़ा है … Read more