The Swap by Rabiya Nizam

It’s humorous how things take a diverse path in esprit,From, Brimming with passion to becoming a recluse is quite an amusing voyage to take.It’s surprising how these transitions begin to define you in a pristine lightWhich is entirely different from the individual you use to take pride in.Things break but unlike feelings either they get … Read more

शमा by Rabiya Nizam

शमा एक शाम और बीत गईएक दिन और निकल गयाबड़े गुरूर से उरुज पे था अफताब अहले सुबहफिर शाम की दस्तक पे वो भी ढल गया..कुछ रेत के मोजस्समें थेकुछ मलबे थे अरमान की मीनारों केअधूरे ख़्वाब भी चुभे थे दीद में कहींपर अंसुओं के रेलों में सब बिखर गयाआज फिर सजी महफिलउसके इद्दातों, इंतजार … Read more

चुनिंदा ज्ञान by आकांक्षा रायकवार

जिंदगी के लिए एक ख़ास सलीका रखना, अपनी उम्मीद को हर हाल में जिंदा रखना, किया है दूसरों के अंधेरे में उजाला हमने, अभी खुद के अंधेरे को दूर करना, सीखना दूसरो को वाकई मन से, लेकिन अपने मन को भी सीख से भरपूर रखना, हिम्मत, लगन और सहनशील बनकर, सबके दुखों को दूर करना, … Read more

आज़ादी by Nandlal Ahi (Aazadi Amrit Mahotsav- 75th Independence Day)

खून की होली तुमने बहुत खेल ली , आ गयी मेरी बारी संभल जाइए। गर नहीं है तुम्हें देश मेरा पसंद, देश द्रोही यहाँ से निकल जाइये ।आज़ादी के लिए हमारी लंबी चली लड़ाई थी , लाखों लोगों ने अपने प्राणों से कीमत चुकाई थी ।तिरंगा लेहराता है आज पूरी कीमत से , हमें मिली आज़ादी … Read more

Stree Man Ka Bhawar By Richa Kumari

“स्त्री मन का भवर “ क्या स्त्री की व्याख्या उसके मूल से बड़ी है?उसके मन की दुविधा कुछ इस तरह अरी है,झींझक से भरी है थोड़ी डरी डरी है।जमाने को बढ़ता देख आज वह निकल पड़ी है,कभी हौसले से पांव दहलीज को तोड़ता,तो कभी घटनाओं का शोर अंदर से और मोड़ता ।आखिर क्यों स्त्री मन … Read more