हारे का सहारा – खाटू श्याम
जब रास्ते सब बंद लगे,और किस्मत भी रूठ जाए,जब उम्मीदों की लौ बुझने लगे,तब श्याम नाम याद आए।राजस्थान की पावन नगरी में,एक दरबार निराला है,जहाँ रोता हुआ भी आए जो,वो हँसता हुआ जाने वाला है।न सोना माँगे, न चाँदी माँगे,बस सच्चा दिल चाहिए,श्याम के दर पे आने को,थोड़ा सा विश्वास चाहिए।मोर मुकुट और नीली छवि,मन…
