क्या खूब नज़ारा था
क्या खूब नज़ारा थामानो गीता – कुरान का मिलाप थाहिन्दू बहन राखी खरीद रही थीमुस्लिम भाई बेच रहा था ।वो बोली, “भैया दाम कुछ तो कम करो”उसने कहा, “बहन आप समझ कर दे देना”रास्ते की रेकड़ी थी, खिचा-तानी थोडी़ तो होनी थी ।सौदा हुआ, हिन्दू बहन ने हरी राखी खरीदीमुस्लिम भाई ने केसरया राखी फ्री … Read more