उसका साथ

जो चलना पड़े उसके साथ,तो मुझे धूप में तपती अपने पाँव ही पसंद है। जो खाना पड़े उसके साथ,तो मुझे उसके साथ सूखी रोटी ही पसंद है। जो सोना पड़े उसके साथ,बिस्तर की जगह उसकी बाँहें ही पसंद हैं। और सुनो, तुम रखो न महल,मुझे उसके साथ बैराग ही पसंद है। — Writer Sakshi Parmar

तुम अक्सर पूछते हो!

मैंने देखा है, तुम अक्सर पूछते हो,“क्या मानती हो तुम मुझे?” और मैं अक्सर कह देती हूँ,“क्या जानते हो तुम मुझे?” कभी मेरी आँखों में उतरकर देखना,शायद वहाँ तुम्हें कई अनकही बातें मिल जाएँ। मैं हर बात कह नहीं पाती,हर दर्द दिखा नहीं पाती,और हर बार मुस्कुराने का मतलब खुश होना भी नहीं होता। तुम … Read more

सिंगरौली

जय-जय सिंगरौली, ऊर्जा की खान, तेरी कोख में काला सोना, तेरे माथे पर सम्मान। जहाँ रिहंद लहराए जैसे चाँदी की धार, गोविंद बल्लभ पंत सागर देखे तो, मन हो जाए निहाल। जी हाँ, काला सोना यहीं से निकलता है, इसी की आग से पुरा हिंदुस्तान चमकता है। एन.टी.पी.सी, विंध्याचल-बिजली के घर यहीं हैं, ऊर्जा की … Read more

ऊर्जाधानी

कल तक जो था शांत तपोवन, आज वो ऊर्जाधानी है। ऋषि श्रृंगी की तपोभूमि का नाम श्रृंगावली प्यारा था, रीवा के राजाओं का यह अंचल सबसे न्यारा था। माड़ा की गुफाएँ गाती हैं यहाँ की कला-साधना को, पत्थरों पर उकेरा गया है, पुरखों की आराधना को। पर समय बदला और बदली सूरत, इस पावन कल्याणी … Read more

नशा मुक्ति: युवा पीढ़ी से एक पुकार

हमारे देश का उज्जवल भविष्य युवाओं पर टिका हुआ है।पर पता नहीं आज-कल के युवाओं को क्या हो गया है—उन्होंने शराब, तम्बाकू और बीड़ी को अपना फैशन समझ लिया है।उनके बिना उनकी महफ़िल अधूरी लगती है। हमारे युवाओं को समझ नहीं आता कि किसी भी प्रकार का नशाआगे चलकर कितना हानिकारक और घातक हो सकता … Read more

माँ का अनमोल प्यार

ममता की जो मूरत होती,जिसकी गोदी सबसे प्यारी।जिसकी लोरी सुनकर सोए,यह दुनिया की खुशियाँ होती। खुद भूखी रहकर जो हमको,हँसते-हँसते अन्न खिलाती।थोड़ी सी भी चोट लगे तो,जिसकी आँखें भर-भर आती। उँगली पकड़कर चलना सिखाया,गिरा तो दोबारा उठना बताया।सारे रिश्ते-नाते झूठे,पर माँ का नाता सच्चा। अँधेरे में जो राह दिखाए,दीप बनके जलते जाए।अपने आँचल की छाया … Read more

नशा करना बंद करो

नशा करना बंद करो,नशा करना बंद करो,नशे से हमेशा दूर हो जाओ। नशा करता सेहत से खिलवाड़,नशा करता हाल बेहाल,नशा करता नुकसान स्वस्थ शरीर को।बीड़ी, सिगरेट, दारू, तंबाकू का सेवन करना बंद करो। नशे के कारण बिगड़ते हालात और परिवार,बच्चों पर इसका बुरा असर आता है।नशे के कारण छोटे बच्चों को मिलती गलत सीख,नशे को … Read more

रोग एवं उसके उपचार

सेहत ही है सबसे सुन्दर, जीवन का उपहार,अगर करोगी लापरवाही, जल्दी पड़ोगे बीमार।नियम-संयम को जीवन का बना लो तुम आधार,खुशहाल रहेगा तन-मन तेरा, महकेगा संसार। प्रदूषित जल के मच्छरों से, जब डेंगू फैल जाए,तेज बुखार और बदन दर्द सबको बहुत रुलाए।पानी कहीं न रुकने दो तुम, साफ़-सफ़ाई रखना,आस्तीन के कपड़े पहनकर, मच्छरों से तुम बचना। … Read more

ज़िम्मेदारियों की ज़ंजीर

कभी दिल कहता है छोड़ दे ये नौकरी,साँस भरकर अपने सपनों की राह पकड़ ले।पर घर की दीवारें पूछ लेती हैं,“तेरे बिना चूल्हा कैसे जल पाएगा?”नौकरी छोड़ने का डर हर सुबह आँखों में उतर आता है,और हौसले का सूरज ढक सा जाता है।दिल चाहता है सच बोल दूँ, ग़लत को ग़लत कह दूँ,पर होंठों पर … Read more