चुनिंदा ज्ञान by आकांक्षा रायकवार

जिंदगी के लिए एक ख़ास सलीका रखना, अपनी उम्मीद को हर हाल में जिंदा रखना, किया है दूसरों के अंधेरे में उजाला हमने, अभी खुद के अंधेरे को दूर करना, सीखना दूसरो को वाकई मन से, लेकिन अपने मन को भी सीख से भरपूर रखना, हिम्मत, लगन और सहनशील बनकर, सबके दुखों को दूर करना, … Read more

आज़ादी by Nandlal Ahi (Aazadi Amrit Mahotsav- 75th Independence Day)

खून की होली तुमने बहुत खेल ली , आ गयी मेरी बारी संभल जाइए। गर नहीं है तुम्हें देश मेरा पसंद, देश द्रोही यहाँ से निकल जाइये ।आज़ादी के लिए हमारी लंबी चली लड़ाई थी , लाखों लोगों ने अपने प्राणों से कीमत चुकाई थी ।तिरंगा लेहराता है आज पूरी कीमत से , हमें मिली आज़ादी … Read more

Stree Man Ka Bhawar By Richa Kumari

“स्त्री मन का भवर “ क्या स्त्री की व्याख्या उसके मूल से बड़ी है?उसके मन की दुविधा कुछ इस तरह अरी है,झींझक से भरी है थोड़ी डरी डरी है।जमाने को बढ़ता देख आज वह निकल पड़ी है,कभी हौसले से पांव दहलीज को तोड़ता,तो कभी घटनाओं का शोर अंदर से और मोड़ता ।आखिर क्यों स्त्री मन … Read more

कैसे समझाऊं तुम्हें by Rabiya Nizam

Kaise Samjhaun Tumhe

कैसे समझाऊं तुम्हें? कि ये चुप्पी चुभती है मुझे भय उत्पन्न करती है, उस पुराने खंडहर की तरह, जो सदियों से खड़ा, अमूक, नि: श्वास, नि: शब्द समाए अपने भीतर असंख्य हृदय की वेदना- गाथा ! कैसे समझाऊं तुम्हें? कि पल-पल  करती हूं मैं तुम्हारा इंतज़ार, रात की शीतलता से मुरझाए सूरजमुखी की तरह, कि … Read more

ले चल by Naveeta Shokeen

Le Chal

ले चल मुझे मैं चलने को तैयार हूँ छू ले मुझे मैं जलने को तैयार हूँ बिन बारिश के तुझ पर बरसने को तैयार हूँ आँखों से तेरी छलकने को तैयार हूँ फलक से ज़मीन पर उतरने को तैयार हूँ माला के मोतियों सी बिखरने को तैयार हूँ तेरे झूठ में भी हामी भरने को … Read more

The Lies And The Truth by Kirti Changlani

The world is a home to us,  Still we’re homeless.  My son searches for comfort by hugging my body,  While I lie helplessly on those dusty pavements of road,  I manage to steal those crumps of bread for him,  Holding those tears inside. I just wish my obligations of poverty, Don’t kill my integrity.  With … Read more