नशा करना बंद करो

नशा करना बंद करो,नशा करना बंद करो,नशे से हमेशा दूर हो जाओ। नशा करता सेहत से खिलवाड़,नशा करता हाल बेहाल,नशा करता नुकसान स्वस्थ शरीर को।बीड़ी, सिगरेट, दारू, तंबाकू का सेवन करना बंद करो। नशे के कारण बिगड़ते हालात और परिवार,बच्चों पर इसका बुरा असर आता है।नशे के कारण छोटे बच्चों को मिलती गलत सीख,नशे को … Read more

1947 का बलिदान

1947 में कुछ लोगों ने दिया था अपना योगदान,वहीं पर कुछ लोगों ने दिया था अपना बलिदान।23 मार्च 1931 की रात थी,भगत सिंह की फाँसी की बात थी। भगत सिंह फाँसी से पहले पढ़ रहे थे लेनिन की किताब,मगर आज तक नहीं माँगा अंग्रेजों से फाँसी का हिसाब।अंग्रेज जीत रहे थे हथियार और गोलियों के … Read more

रोग एवं उसके उपचार

सेहत ही है सबसे सुन्दर, जीवन का उपहार,अगर करोगी लापरवाही, जल्दी पड़ोगे बीमार।नियम-संयम को जीवन का बना लो तुम आधार,खुशहाल रहेगा तन-मन तेरा, महकेगा संसार। प्रदूषित जल के मच्छरों से, जब डेंगू फैल जाए,तेज बुखार और बदन दर्द सबको बहुत रुलाए।पानी कहीं न रुकने दो तुम, साफ़-सफ़ाई रखना,आस्तीन के कपड़े पहनकर, मच्छरों से तुम बचना। … Read more

The Trees and Birds

The tree is silent, quite still,A few leaves yellowing,All its fallen seeds. When the birds come into the tree,The branches tremble and thrill;Without birds, the tree is dead. The bird is the engine of the tree,And the tree becomes a machine of life;And when the bird launches awayTowards the infinite,Then the tree becomes silent once … Read more

कोरोना आया

कोरोना आया, कोरोना आया है, सबके लिए ख़तरा लाया है। मिलकर कोरोना को हराना है, घर से हमें कहीं नहीं जाना है। हाथ किसी से नहीं मिलाना है, चेहरे पर हाथ नहीं लगाना है। कोरोना आया, कोरोना आया है, सबके लिए ख़तरा लाया है। बार-बार अच्छे से हाथ धोना है, बार-बार सैनिटाइज़र लगाना है। घर … Read more

Mirrored

Year 2036… Wearing ashes on its streets, Sanvik now stood with a different kind of skill. One that screamed survival.Years of floods, communal riots, earthquakes, and, of course, endless violence had made its citizens lose their emotions.Citizens of Sanvik were reduced to walking, talking machines. Emotions were the first thing they abandoned.People crossed the road … Read more

ज़िम्मेदारियों की ज़ंजीर

कभी दिल कहता है छोड़ दे ये नौकरी,साँस भरकर अपने सपनों की राह पकड़ ले।पर घर की दीवारें पूछ लेती हैं,“तेरे बिना चूल्हा कैसे जल पाएगा?”नौकरी छोड़ने का डर हर सुबह आँखों में उतर आता है,और हौसले का सूरज ढक सा जाता है।दिल चाहता है सच बोल दूँ, ग़लत को ग़लत कह दूँ,पर होंठों पर … Read more

मेरे सपनों का भारत

यह बदलता भारत देश हैप्यारा वतन मेरा और तुम्हारा हैविविधता और आध्यात्म से भरानिराला इतिहास हमारा है नई राह मिली है, उस परदेश को आगे बढ़ाना है ।विश्व की सर्वोच्च राजगद्दी परभारत को बिठाना है!विभिन्न जातियों और धर्मों कोएक साथ मिलाना हैज्ञान – विज्ञान की तकनीकों सेदेश को गौरव दिलाना है! अपने प्राणों पर खेलकर … Read more

मन के भारत की तस्वीर

मेरे मन का भारत वह है,जहाँ विविधताकेवल शब्द नहीं, एक लय है,जो मंदिर की घंटियों से लेकरमस्जिद की अज़ान,गिरिजाघर के प्रार्थना-गीतऔर गुरुद्वारे की वाणी मेंएक ही सुर साधती है।जहाँ शिक्षा केवल अक्षर-ज्ञान नहीं,बल्कि आत्मा का प्रकाश है,जो गाँव की पगडंडी से लेकरशहर की गलियों तकहर बच्चे की आँखों मेंसपनों का दीप जलाता है।जहां खेतों में … Read more