सिंगरौली

जय-जय सिंगरौली, ऊर्जा की खान, तेरी कोख में काला सोना, तेरे माथे पर सम्मान। जहाँ रिहंद लहराए जैसे चाँदी की धार, गोविंद बल्लभ पंत सागर देखे तो, मन हो जाए निहाल। जी हाँ, काला सोना यहीं से निकलता है, इसी की आग से पुरा हिंदुस्तान चमकता है। एन.टी.पी.सी, विंध्याचल-बिजली के घर यहीं हैं, ऊर्जा की … Read more

ऊर्जाधानी

कल तक जो था शांत तपोवन, आज वो ऊर्जाधानी है। ऋषि श्रृंगी की तपोभूमि का नाम श्रृंगावली प्यारा था, रीवा के राजाओं का यह अंचल सबसे न्यारा था। माड़ा की गुफाएँ गाती हैं यहाँ की कला-साधना को, पत्थरों पर उकेरा गया है, पुरखों की आराधना को। पर समय बदला और बदली सूरत, इस पावन कल्याणी … Read more