सेहत ही है सबसे सुन्दर, जीवन का उपहार,
अगर करोगी लापरवाही, जल्दी पड़ोगे बीमार।
नियम-संयम को जीवन का बना लो तुम आधार,
खुशहाल रहेगा तन-मन तेरा, महकेगा संसार।
प्रदूषित जल के मच्छरों से, जब डेंगू फैल जाए,
तेज बुखार और बदन दर्द सबको बहुत रुलाए।
पानी कहीं न रुकने दो तुम, साफ़-सफ़ाई रखना,
आस्तीन के कपड़े पहनकर, मच्छरों से तुम बचना।
दूषित खाना, पानी पीने से टाइफाइड घर आता,
पेट दर्द और तेज बुखार से हमलोगों को तड़पाता।
उबला पानी पियो हमेशा, खाना ढक कर रखना,
हाथ धोकर ही भोजन करना, स्वस्थ सदा तुम रहना।
बदलते मौसम में मलेरिया, ठंड कंपकंपी लाए,
शरीर कमजोर करे एनोफ़िलिज़ मादा, जहर जब खून में जाए।
सोते समय मच्छरदानी जरूर लगाना,
अपने घर के आसपास तुम मच्छर मत पनपाना।
टीबी रोग जो फेफड़ों को धीरे-धीरे खाए,
लगातार खाँसी और बलगम इसके लक्षण कहलाए।
मास्क लगाओ, सब जगह मत थूको, खाँसते समय ढको मुँह,
दवा समय पर लेते रहना, हो जाएगा रोग छू।
अगर हो जाए डायबिटीज, तो मीठे से दूरी बनाना,
मीठा खाकर जीवन में अब और न कष्ट बढ़ाना।
सुबह-सुबह तुम टहला करो, करो योग अभ्यास,
हरी सब्जियाँ खाओ-पियो, मिटे रोग का त्रास।
तेल-मसाले, जंक फूड से दिल पर पड़ता भार,
धीरे-धीरे खो देता है जीवन का आधार।
फल, फलियाँ और संतुलित भोजन थाली में अपनाना,
चमकेगा इससे जीवन का हर फसाना।
नियम-संयम को जीवन का बना लो तुम आधार,
खुशहाल रहेगा तन-मन तेरा, महकेगा संसार।
By Ashika Tiwari ( DAV Amlohri)