माँ का अनमोल प्यार

ममता की जो मूरत होती,जिसकी गोदी सबसे प्यारी।जिसकी लोरी सुनकर सोए,यह दुनिया की खुशियाँ होती। खुद भूखी रहकर जो हमको,हँसते-हँसते अन्न खिलाती।थोड़ी सी भी चोट लगे तो,जिसकी आँखें भर-भर आती। उँगली पकड़कर चलना सिखाया,गिरा तो दोबारा उठना बताया।सारे रिश्ते-नाते झूठे,पर माँ का नाता सच्चा। अँधेरे में जो राह दिखाए,दीप बनके जलते जाए।अपने आँचल की छाया … Read more