Do I belong??

Do I proclaim myself to be a writer?Do I really qualify to be the one? Do my writings appease others or not? Do I have that grit and resolve to stay here? This Monachopsis of being a writeris A dilemma for me constantlyThe dubious cluttered mind of minekeeps on pricking my conscious I feverishly search … Read more

Oh Human

Out in the wild one dayI gasped and wondered what these wereNow I knew all these are not our hard workAll these are the out put of that MAN high above.He wills n wishes you dance n playHe retires you retire.The sun scorches,The moon blemishes The rain ruins and upliftsAll he plays high above and … Read more

प्यार सा अजनबी दर्द

क्यों मुझे हमेशा एक पहचानी सी दर्द सताती है, मिली हुई तकदीर को भी ख्वाब बताती है,खो ना दू नायाब तहफ़े को जहन में हर सुबह क्यू चली आती है, मन बहलाने को कुछ अल्फाज सजा कर भ्रम मिटाती हैं!सच्चाई से मज़बूत होता रहे यह रिश्तों का बंधन, हर रोज़ सजदे में सिर झुकाती है।हां … Read more

तुझ में वह शक्ति है

हार गए तुम छोटी सी जंग मेंजीत गया क्या सब जग मेंघबराने से मिल क्या जाएगाक्या रो के तू सब कुछ पा जाएगामानव के तन मन पर भारीपड़ जाता है ये मानसिक बीमारीक्यों सोच कर बातों को तू घबराता हैअंधेरी रात में रोते-रोते सो जाता हैतुझ में वह शक्ति है यारीकर सकता है नष्ट तू … Read more

समय

समय की अदभुत रीति है, ये सिर्फ मुस्कुराहट नहीं कई दर्द भी देती हैं….शब्द से भी चुन कर जीवन में कई तरह के जंग लड़ने देती हैं! हजार बार भी हरा कर हर बार एक नई संरचना देती है, ये समय की सीमा है जो इसे इतना कीमती बना देती हैं।by Sakshee Mishra

House Husbands!

I called my new found writer friend Jyot who is residing in Hyderabad. He said he was busy preparing dinner (His recipes of yummy dishes are popular on his insta handle too) I remembered him saying he was doing laundry when I had called him a few days back. He belongs to yesteryear’s Gen. I … Read more

सोने की चिड़िया- मेरे सपनों का भारत

मेरे सपनों का भारत, जहाँ रहते हों सब मिलजुल कर, हो भाई चारा। ना आमदनी की चिंता, ना खर्चने का दुख… अमन चैन हो चारो ओर। यह अमीरी और गरीबी से परे हैं भारत…. जाती के भेद भाव से परे है ये भारत। ये कर्म भूमि है बरसों से… इसे कर्मों ने ही बिगाड़ा है … Read more

मेरे सपनों का भारत

भारत के पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, जिन्हें मिसाइल मैन के नाम से भी जानते है, उन्होंने कहा था कि “सपना वो नहीं है जो आप नींद में देखते हो। सपना वो होता है जो आपको सोने नहीं देता। “ मेरा सपना है भारत को एक अखंड राष्ट्र देखने का।फिर से भारत देश को खुशहाल देखने … Read more

मेरे सपनों का भारत — भविष्य का भारत कैसा हो

मेरे सपनों का भारत वो भारत हैजिसमें सब हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई एक हैं दुश्मन कोई आँख उठाए तो, ऐ भारत माँ!तेरी रक्षा की ख़ातिर हम सब भाई एक हैं जात पात का भेद न होमजहब की कोई दीवार न होभाषा बोली क्षेत्रवाद कीबीमारी का कोई बीमार न हो गाँव गली घर कूचे मेंगंदगी के … Read more