एकता

आज़ाद हुआ वतन मेरा हर बेड़ी से हर बंदिश से आज़ाद हैं हम भारत वासी अब ज़ुल्म से और रंजिश से। हर रंग हर मज़हब हर ज़ात,सबसे पहले इंसान हैंहम नहीं किसीके वोट बैंक,हम अपने वतन की जान हैं। by Dr. Tarannum Shaikh

मेरे सपनों का भारत — भविष्य का भारत कैसा हो

मेरे सपनों का भारत वो भारत हैजिसमें सब हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई एक हैं दुश्मन कोई आँख उठाए तो, ऐ भारत माँ!तेरी रक्षा की ख़ातिर हम सब भाई एक हैं जात पात का भेद न होमजहब की कोई दीवार न होभाषा बोली क्षेत्रवाद कीबीमारी का कोई बीमार न हो गाँव गली घर कूचे मेंगंदगी के … Read more

मेरे सपनों का भारत— माँ भारती के वीर सपूतों का योगदान

मेरे सपनों का भारत वो भारत है… जो अटक से लेकर कटक तककश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तकअखंड है, एक है। देश की आज़ादी का सपना वो सपना हैजिसकी ख़ातिर वीरों ने अपना बलिदान दिया शिवाजी ने शौर्य दिया औरप्रताप ने स्वाभिमान दियागाँधी ने असहयोग और अहिंसा दीनेहरू ने अपना ईमान दिया राजे रजवाड़ों में बंटे … Read more